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वेलेंटाइन डे पर हर तरफ इश्क की बातें हैं, लेकिन सच यह है कि प्यार सिर्फ दिल नहीं, दिमाग भी करता है। जब हम किसी से आकर्षित होते हैं, तो दिमाग में डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन और नॉरएपिनेफ्रिन जैसे केमिकल्स रिलीज होते हैं, जो खुशी, लगाव और उत्तेजना पैदा करते हैं।

वैज्ञानिक हेलेन फिशर के अनुसार प्यार तीन चरणों से गुजरता है — इच्छा, आकर्षण और लगाव। शुरुआत हार्मोन्स से होती है, लेकिन मजबूत रिश्ता सम्मान, भरोसे और समझ से बनता है। यानी प्यार एक साइंटिफिक प्रोसेस जरूर है, पर टिकता भावनाओं और जिम्मेदारी पर है।

मुख्य बातें:
• डोपामाइन: खुशी और रिवार्ड फीलिंग
• ऑक्सीटोसिन: भरोसा और बंधन
• नॉरएपिनेफ्रिन: दिल की धड़कन और उत्साह
• सेरोटोनिन: जुनून और सोच में बदलाव
• प्यार के 3 स्टेज: लस्ट, अट्रैक्शन, अटैचमेंट

#LoveScience #ValentinesDay #BrainChemistry #HumanPsychology #JagranJosh #love
वेलेंटाइन डे पर हर तरफ इश्क की बातें हैं, लेकिन सच यह है कि प्यार सिर्फ दिल नहीं, दिमाग भी करता है। जब हम किसी से आकर्षित होते हैं, तो दिमाग में डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन और नॉरएपिनेफ्रिन जैसे केमिकल्स रिलीज होते हैं, जो खुशी, लगाव और उत्तेजना पैदा करते हैं। वैज्ञानिक हेलेन फिशर के अनुसार प्यार तीन चरणों से गुजरता है — इच्छा, आकर्षण और लगाव। शुरुआत हार्मोन्स से होती है, लेकिन मजबूत रिश्ता सम्मान, भरोसे और समझ से बनता है। यानी प्यार एक साइंटिफिक प्रोसेस जरूर है, पर टिकता भावनाओं और जिम्मेदारी पर है। मुख्य बातें: • डोपामाइन: खुशी और रिवार्ड फीलिंग • ऑक्सीटोसिन: भरोसा और बंधन • नॉरएपिनेफ्रिन: दिल की धड़कन और उत्साह • सेरोटोनिन: जुनून और सोच में बदलाव • प्यार के 3 स्टेज: लस्ट, अट्रैक्शन, अटैचमेंट #LoveScience #ValentinesDay #BrainChemistry #HumanPsychology #JagranJosh #love
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